डीए मामले में पंजाब के मुख्य सचिव को हाईकोर्ट का नोटिस, ‘झूठे बयान’ पर अवमानना की तलवार

पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अदालत ने उन्हें शुक्रवार को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश भी दिया है।

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली रिपोर्ट के बाद उठाया। रिपोर्ट में सामने आया कि पंजाब सरकार की अपील में मौजूद खामियां अब तक दूर नहीं की गई हैं, जबकि मुख्य सचिव ने अदालत को बताया था कि इन्हें ठीक कर लिया गया है।

मामला हाईकोर्ट के 3 अगस्त के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केंद्र की तर्ज पर DA/DR का बकाया देने का निर्देश दिया गया था। पंजाब सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की है और करीब 14,191 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर आपत्ति जताई है।